बुधवार, 2 जून 2010

श्री श्री रविशंकर पी चिदंबरम से नाराज

श्री श्री रविशंकर के आश्रम में रविवार को गोली किस पर चली, गोली चलाने वाले की मंशा क्या थी। इसे लेकर कई बयान सामने आ रहे हैं। जिन पर गोली चली उनका कहना है, कि उन्ही पर चली जबकि सरकार कह रही है गोली उन पर नहीं चली। सच और बयानों के बीच जांच की कड़ी अभी गायब है। और सच पर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है।
कर्नाटक पुलिस और देश के गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि यह हमला रविशंकर को निशाना बनाकर नहीं किया गया। वहीं आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि निशाने पर वही थे। इन विरोधाभासी बयानों ने इसे एक रहस्यमयी घटना का रूप दे दिया है। अलग-अलग आकलन के बीच पुलिस और पी चिदंबरम ने यह भी कहा कि घटना का कारण किसी की आपसी दुश्मनी भी हो सकती है। लेकिन इस कारण को रविशंकर नें सिरे से खारिज कर दिया। श्री श्री रविशंकर ने प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस पर आरोप लगाया कहा कि पुलिस इसे हल्के में ले रही है। ऐसा करके पुलिस अपनी जिम्मेदारियों से आसानी से भाग नहीं सकती। घटना की उचित जांच होनी चाहिए। क्योंकि गोली मेरी कार को निशाना लगाकर चलाई गई थी।जो कि किसी दूसरे व्यक्ति को लग गई। इसे आपसी रंजिश कह कर घटना से पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता है। दूसरी तरफ इस बात को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि पुलिस को घटना की जानकारी देने में इतनी देरी क्यों हुई। घटना शाम करीब साढ़े छह बजे की है और पुलिस को सूचना मिली साढ़े नौ बजे रात को। तो सच का छोर कहां से पकड़ा जाना चाहिए कि असल में निशाने पर कौन था। और यदि श्री श्री को इतना भरोसा है कि गोली चलनाने वाले ने उन पर ही निशान साधा था तो पुलिस को सूचना देनें में विलंब के लिए किसे निशाने पर लिया जाए। वहीं दूसरी तरफ पी चिदंबरम व कर्नाटक पुलिस बिना जांच के किस, आधार पर यह कह रही हैं कि रविशंकर पर हमला नहीं किया गया था। कुल मिलाकर बयानों में परस्पर विवाद जारी है।

कैलास मानसरोवर की यात्रा शुरू

कैलास मानसरोवर के पहले जत्थे में शामिल कुल 49 लोगों का मंगलवार को उत्तरांचल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। स्वागत समारोह कुमाऊं मंडल विकास निगम के काठगोदाम स्थित अतिथि गृह में कुंमाऊंनी वाद्ययंत्रों की धुन पर सभी 49 सदस्यों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया। सभी तीर्थयात्री स्पर्श गंगा अभियान का टीशर्ट पहने हुए थे।
कैलास मानसरोवर की यात्रा पा जा रहा यह पहला जत्था दिल्ली से चलकर कुमाऊं मंडल विकास निगम के काठगोदाम स्थित अतिथि गृह पर दोपहर को पहुंचा। यात्रियों के बस से उतरते ही कुमाऊंनी वाद्ययंत्र, दमाऊं, मशकबीन की धु बजने लगी। वाद्ययंत्रों की मनमोहक धुन पर सभी यात्री खूब नाचे। पूरा माहौल बम बम बोले के गूंज से गुंजायमान हो गया। कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंधक डॉ बीना सुयाल, करुणा अधिकारी ने पारंपरिक परिधान में यात्रियों को तिलक लगाकर फूलमालाओं से उनका स्वागत किया। इसके बाद यात्रियों का दल यहां अल्मोड़ा के लिए रवाना हो गया। पहले दल में यात्रियों की बात करें तो सबसे ज्यादा 21 यात्री दिल्ली के है, महाराष्ट्र के 13, गुजरात, उत्तराखंड व पश्चिम बंगाल से चार-चार, उत्तरप्रदेश के दो और जम्मू कश्मीर, झारखंड, हिमाचल प्रदेश के एक-एक यात्री शामिल हैं। यात्रियों के साथ लायजनिंग आफिसर विजय कुमार हैं जो कि जम्मू के रहने वाले हैं। बुधवार को बेस कैम्प पहुंचेगा कैलास यात्रियों का पहला दल : कैलास मानसरोवर यात्रा का पहला दल बुधवार को आधार शिविर धारचूला पहुंचेगा। यहां टीआरसी और आईटीबीपी के अधिकारी तीर्थयात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में आने वाली कठिनाइयों और सावधानियों से यात्रियों को अवगत कराएंगे। इसके बाद यात्रियों का दल बेस कैम्प के लिए रवाना होगा। रात्रि विश्राम के बाद पैदल यात्रा शुरू होगी।