श्री श्री रविशंकर के आश्रम में रविवार को गोली किस पर चली, गोली चलाने वाले की मंशा क्या थी। इसे लेकर कई बयान सामने आ रहे हैं। जिन पर गोली चली उनका कहना है, कि उन्ही पर चली जबकि सरकार कह रही है गोली उन पर नहीं चली। सच और बयानों के बीच जांच की कड़ी अभी गायब है। और सच पर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है।
कर्नाटक पुलिस और देश के गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि यह हमला रविशंकर को निशाना बनाकर नहीं किया गया। वहीं आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि निशाने पर वही थे। इन विरोधाभासी बयानों ने इसे एक रहस्यमयी घटना का रूप दे दिया है। अलग-अलग आकलन के बीच पुलिस और पी चिदंबरम ने यह भी कहा कि घटना का कारण किसी की आपसी दुश्मनी भी हो सकती है। लेकिन इस कारण को रविशंकर नें सिरे से खारिज कर दिया। श्री श्री रविशंकर ने प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस पर आरोप लगाया कहा कि पुलिस इसे हल्के में ले रही है। ऐसा करके पुलिस अपनी जिम्मेदारियों से आसानी से भाग नहीं सकती। घटना की उचित जांच होनी चाहिए। क्योंकि गोली मेरी कार को निशाना लगाकर चलाई गई थी।जो कि किसी दूसरे व्यक्ति को लग गई। इसे आपसी रंजिश कह कर घटना से पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता है। दूसरी तरफ इस बात को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि पुलिस को घटना की जानकारी देने में इतनी देरी क्यों हुई। घटना शाम करीब साढ़े छह बजे की है और पुलिस को सूचना मिली साढ़े नौ बजे रात को। तो सच का छोर कहां से पकड़ा जाना चाहिए कि असल में निशाने पर कौन था। और यदि श्री श्री को इतना भरोसा है कि गोली चलनाने वाले ने उन पर ही निशान साधा था तो पुलिस को सूचना देनें में विलंब के लिए किसे निशाने पर लिया जाए। वहीं दूसरी तरफ पी चिदंबरम व कर्नाटक पुलिस बिना जांच के किस, आधार पर यह कह रही हैं कि रविशंकर पर हमला नहीं किया गया था। कुल मिलाकर बयानों में परस्पर विवाद जारी है।
बुधवार, 2 जून 2010
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

वाकई यह यह वेबसाइट तो काबिले तारीफ है इसमें धर्म से जुड़ी सारी जानकारियां हैं आगे भी मै इस साइट को पढ़ता रहूंगा। www.dharmareporter.com पर वास्तु की जानकारी भी बड़ा सटीक है।
जवाब देंहटाएं